दर्द अपनाता है पराये कौन || Dard Apnata Hai Paraye Kaun Lyrics in Hindi || Silsilay – Jagjit Singh ||

About : Dard Apnata Hai Paraye Kaun Song

Song : Dard Apnata Hai Paraye Kaun
Album : Silsilay (1998
)Singer : Jagjit Singh
Lyricist : Javed Akhtar
Mood : Gazal
Music Label : T-Series

दर्द अपनाता है पराये कौन,
कौन सुनता है और सुनाये कौन..

कौन दोहराए पुरानी बातें,
ग़म अभी सोया है जगाये कौन..

वो जो अपने हैं, क्या वो अपने हैं,
कौन दुःख झेले, आजमाए कौन..

अब सुकून है तो भूलने में है,
लेकिन उस शख्स को भुलाए कौन..

आज फ़िर दिल है कुछ उदास-उदास,
देखिये आज याद आए कौन…

(lables – Jagjit Singh, seher, silsilay, gazals, hindi gazals, sad gazals, old gazals, urdu gazals, lyrics in hindi, dard apnata hai paraye kaun lyrics)

close